बस की भीड़ में शीला मिली - IV

Discussion in 'Hindi sex stories - हिंदी सेक्स कहानियां' started by RareDesi, May 16, 2016.

  1. RareDesi

    RareDesi Guest

    शीला के बदन का हर तरह से मज़ा लेने के बाद अब चुदाई करने का वक़्त आ गया था। मेरा मोटा लंड उसकी मस्तानी चूत पे टिका है, आप भी टिकके इस indian sexy kahani का ये भाग पढ़िए-

    Hindi Sex Story के अन्य भाग-






    पार्ट 4



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    अपना सीना ऊपर करके विशाल के हाथों में अपने मम्मे भर कर शीला एक चुदक्कड़ बिल्ली की तरह झट से विशाल का लंड पकड़ कर अपनी चूत पे सटा कर खुद ही अपनी कमर ऊपर नीचे करती हुई लंड अंदर डालने की कोशिश करती हुई बोली, "आआहहहह. उम्म्म अब मुझे चैन मिलेगा भोंसड़ी के., ले मैंने चूत पे लंड रख दिया, अब तू डाल अपना लौड़ा मेरी गरम चूत में बिंदास हो कर।"

    शीला ने लंड चूत पे जैसे ही रखा, विशाल ने हल्का धक्का दिया जिससे शीला की तंग चूत का मुँह फ़ैला कर लंड की टोपी अंदर घुसी। शीला की एक चूंची बेरहमी से मसलते हुए और दूसरे हाथ से अपना लंड पकड़ कर विशाल बोला, "मादरचोद बड़ी चुदासी लगती है तू. रंडी अब देख तेरी चूत की क्या हालत करता हूँ। मादरचोद बड़ा गरम किया है तूने मेरा लंड छिनाल, बड़ी मस्ती से चोदुँगा तेरी चूत हरामी।"

    जैसे ही विशाल का हाथ अपने लंड पे गया, शीला अपने हाथों से खुद अपनी चूचियाँ मसलती हुई बोली, "उउम्म्म थोड़ा और जोर से मार ना. पूरा लेना है लौड़ा चूत में हरामी। तू दर्द की चिंता मत कर, जितनी बेरहमी से हो सके डाल अपना लौड़ा मेरी चूत में और चोद मुझे।" शीला की इस बात पे विशाल ने भी जोश में आकर उसकी कमर में हाथ डाल कर एक ज़ोर दार धक्का दिया जिससे उसका मोटा लंड शीला की चूत फैलाते हुए करीब-करीब आधा घुस गया। इतना मोटा लौड़ा घुसने से शीला का सीना और माथा पसीने से लथपथ हो गया। दर्द से उसने आँखें बंद करके होंठ दाँतों में दबाये। शीला के सीने का पसीना चाट कर विशाल बोला, "तेरी माँ की चूत चोदूँ, साली रंडी, क्या टाइट चूत है तेरी। लगता है तेरे पति का लंड ज्यादा बड़ा नहीं है जो मेरा लंड इतना टाइट जा रहा है।"
    अपनी कमर हिला कर, पैर फ़ैलाते हुए शीला विशाल के लंड का रास्ता और आसान करती हुई, विशाल के चौड़े सीने पे हाथ फेरती हुई बोली, "अरे मेरे पति की बात छोड़, तुझे मज़ा आ रहा है ना एक ४२-४३ साल की औरत की इतनी टाइट चूत में लंड डालने में? यार तू अपनी सोच, मेरे बारे में बोल, पति का क्या काम है? उसका काम खतम हुआ जब उसने दो बेटियाँ दे दीं, मुझे अब उसका कोई काम नहीं है, साला पाँच मिनट में झड़ जाता है। तेरी कसम विशाल मुझे ये इतना पसीना इक्कीस साल की शादी में कभी नहीं आता था।"

    दो-तीन बार लंड आगे पीछे करके विशाल ने फिर ज़ोर से धक्का देके लंड शीला की चूत में घुसाया। इस बार पूरा लौड़ा अंदर घुसा तो शीला चिल्लाने और तड़पने लगी। अपने मम्मे खुद मसलती हुई वो ज़ोर से आंहें भरने लगी। विशाल बिना रुके लंड चूत में ठेलते और मम्मे मसलते हुए बोला, "मादरचोद उसकी बात तो आती रहेगी ही रंडी, तू मेरा लौड़ा और चूदाई की उससे तुलना करेगी ही ना?अब कैसे बोली कि इक्कीस साल में पहली बार ऐसा पसीना आया. वो भी आधा लंड घुसने से? तेरी माँ को चोदूँ राँड. ये सोच कि पूरा लंड घुसा कर जब जानवर जैसे तुझे चोदुँगा तब तेरा क्या हाल होगा?"
    विशाल का पूरा लौड़ा अंदर घुसने पर शीला जोर से 'ओहहह आहहह ऊफ़्फ़्फ़' चिल्लाने लगी। वो खुद कमर ऊपर करके विशाल के लंड से भिड़ा रही थी। विशाल ने चूत आहिस्ता चोदते हुए शीला के होंठों पे अपने होंठ दबा कर मस्ती से मम्मे मसलना शुरू किया। मम्मों से इतना खेलने से वो एकदम लाल हो गये थे। शीला विशाल को बाहों में ले कर उसको किस करके बोली, "अरे मैं तुलना करके उससे कहूँगी कि तेरे जैसे असली मर्द कैसे चोदते हैं। तू क्यों बीच में उसे लाता है, तू मेरी और अपनी बात कर ना। आज तुझे मौका मिला है तो कर ले इस जिस्म से अपने दिल की भड़ास पूरी। ऐसा मौका बार-बार नहीं आता कि मेरी जैसे गरम चुदास औरत तेरे जैसे तगड़े चोदू मर्द के नीचे हो। हाँ ये बात और है कि तेरे जैसे मर्दों के गरम करने पर मेरे जैसी औरतें टाँगें फ़ैला देती हैं. लेकिन गरम होने में बहुत वक्त लेती हैं मेरे जैसी औरतें। आहहहहह आँआँ फाड़ दिया मेरी चूत को. गधी की औलाद. भोंसड़ी वाले. चोद.. और डाआआआल अपना लौड़ाआआआ अंदर आआआआओओओओआँआँआआआहहहहह।"

    "ठीक है राँड अब तेरे हिजड़े पति की बात नहीं करूँगा। चोदने तक तेरी बात और उसके बाद तेरी सहेलियों और तेरी कमसिन बेटियों की बात करूँगा। आज रात भर तुझे ऐसे ही खुली हवा में चोदुँगा रंडी की तरह. और कोई भी आये तो मेरे बाद उससे भी तुझे चुदवाऊँगा समझी? तेरी जैसी रंडी औरत को जब-जब मैं चाहता हूँ. अपने नीचे लेता हूँ, तेरी जैसी औरतें नखरे करके और शरमाके चुदवाती हैं इससे हम मर्द बड़े गरम होते हैं। तुम मुसल्लियाँ आराम से गरम होती हो और बेरहमी चुदा के ठंडी होती हो। मादरचोद लगता है ज़िंदगी में पहली बार लंड गया तेरी चूत में जो तू इतना चिल्ला रही है. हरामी ये तो शुरूआत है. अभी तेरी गाँड बाकी है छिनाल।"


    धुआंधार चुदाई हुई शीला की


    जीभ शीला के मुँह में घुसा कर उसके मम्मे मसलते हुए विशाल ने अब उसकी चूदाई ज़ोर से शुरू की। शीला ने थोड़ा अपने होंठ विशाल के होंठों से अलग किये उसे जवाब देने के लिये और इसलिये उसने अपनी चूंची उसके मुँह में दे दी। विशाल का लंड ज्यादा से ज्यादा चूत में ले कर वो पैर फ़ैला के कमर उठा कर मस्ती से चुदवाने लगी। विशाल का मुँह मम्मे पे दबा कर वो बोली, "ले मेरे मम्मे चूस कर मेरे दर्द को ज़रा तसल्ली दे। विशाल बहनचोद. मैं तो ऐसे चुदवाने को शादी की पहली रात से तड़प रही थी कि खुली हवा में चुदवाऊँ लेकिन मेरा पति, साले का लंड खुले में आते ही मानो ठंडा पड़ जाता है। अरे अब शुरूआत ऐसी हो चुकी है तो अंत भी बड़ा ज़ालिम होना चाहिये। मुझे ऐसा लगना चाहिये कि ज़िंदगी में पहली बार चुदी हूँ। सुन विशाल गाँडू. तेरा रस मेरी चूत के एकदम अंदर डालना. मेरी बच्चेदानी पे. तभी मुझे सही में तसल्ली मिलेगी।"

    शीला के मम्मे पहले बच्चे की तरह चूस कर फिर जोश में आकर दोनों निप्पल बारी-बारी चूस कर, चबाते हुए पूरे लाल कर दिये विशाल ने। नीचे चूत में लंड घुसा-घुसा कर शीला को चोदते हुए विशाल ने उसके मम्मे इतने चूसे कि उसके चबाने से शीला के मम्मों से हल्का सा खून आ गया जिसे विशाल ने चाट लिया। फिर मम्मे मसलते हुए विशाल बोला, "शीला तेरे जैसी गरम माल के साथ ज़िंदगी भर खेलुँगा, तुझे अपनी राँड बना कर रखुँगा, तेरी जैसे गरम चूत आज तक नहीं मिली। शीला शादी के इक्कीससाल रेगिस्तान में भटकने के बाद आज तुझे समंदर मिल रहा है, एक असली दमदार लंड से. तेरा पति जल्दी झड़ता है. इस लिये मुझे शक है कि वो तेरी बेटियों का बाप नहीं है क्यों? बहनचोद चूदाई के अंत में तू लंड निकाल लेने के भीख माँगेगी. समझी छिनाल?बहनचोद तुझे चोदके फिर माँ बनाऊँगा और अपने बच्चे की सौतेली बहनों को और उसकी माँ को चोदता रहुँगा।"

    शीला विशाल का चेहरा चूमते हुए हाथ नीचे डाल कर उसकी गोटियाँ मसल कर बोली, "अरे-अरे ये गाली मत दे उसे. उसके साथ शादी के बाद आज पहली बार किसी पराये मर्द का लंड इस चूत को नसीब हुआ है पर शादी से पहले बहुत लंड लिये हैं मैंने अपनी चूत में। आज इस चूत को फाड़ कर अपनी रस की एक भी बूँद मेरी चूत के बाहर ना जाये. ये देखना। अच्छा लेकिन ये तो बता तुझे मुझ जैसी लजीज़ माल तो कई मिली होंगी ना?"

    लंड करीब-करीब बाहर निकाल कर फिर बेरहमी से अंदर ठाँसते हुए और मम्मे नोचते मसलते हुए विशाल बोला, "बहनचोद तेरा चूतिया मर्द मिले तो उसकी गाँड मारूँगा, हरामी ने तेरी जैसी गरम चूत इतने दिन मुझसे जो छिपायी। तेरी माँ की चूत. साली तू तो बचपन से मेरी राँड होनी चाहिये थी। तेरी माँ को चोदूँ राँड. अपने कीमती लंड के पानी की एक भी बूँद बाहर नहीं जाने दूँगा। तेरी गरम चूत की कसम. कईं चूतें चोदीं, पर तेरी जैसी माल आज तक नहीं मिली। तेरी जैसी गरम और हर बात में साथ देने वाली चूत नसीब वाले मर्द को ही मिलती है रंडी।"
    "तू मेरी चूत चोदता रह. भड़वे। तेरी गाली, मार और लंड मुझे और मस्त बना रहे हैं विशाल। और ज़ोर से चोद मुझे, निकाल ले पूरी भड़ास गाँडू मेरी ये चूत चोद कर।" विशाल के लंड पे शायद भूत सवार था। वो तो बेरहमी से शीला को चोद कर उसके मम्मे मसलते हुए दबा रहा था। चूत चोदते हुए उसकी गाँड में उँगली घुसाते हुए उसमें घुमा कर निकाल के शीला को चाटने के लिये देते हुए वो बोला, "ये बोल आज के पहले भी मर्दों ने तुझे भीड़ में मसला होगा तो उनसे क्यों नहीं चुदी तू राँड?"

    शीला विशाल की उँगली शौकिया तौर पे एक रंडी जैसे चाट कर और फिर अपनी एक उँगली उसके लंड के साथ अपनी चूत में डाल कर निकाल के विशाल को चाटने केलिये देते हुए बोली, "अरे कईं लोगों ने मुझे क्या कईं औरतों को मसला है. इसलिये तो हम औरतों को भीड़ में जाना पसंद नहीं। रही बात औरों से मसलवाने कि तो कईं बार मसली गयी हूँ पर किसी में तेरे जितना दम ही नहीं था इसलिये सिर्फ़ मसलने पे ही बात खतम हुई। तू जिस हिसाब से मेरी बात माने बिना भीड़ में ब्लाऊज़ खोलने लगा. तब मैंने फ़ैसला किया कि तुझे अपने साथ आने को कहूँगी।"

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