Hindi desi kahani - The Wash Wife

Discussion in 'Hindi sex stories - हिंदी सेक्स कहानियां' started by praveenkumar, May 18, 2016.

  1. praveenkumar

    praveenkumar Moderator Staff Member Registered

    Hindi desi kahani - The Wash Wife लडको को पसंद किया था दोनों लडको का अपना अलग ही मजा था उनमे एक का नाम मुकेश और दुसरे का नाम अखिल था . मुकेश का लंड बहुत ही लम्बा था . और अखिल का लंड मोटा था . इन दोनों से में बहुत प्यार करती थी. सुबह मुकेश से चुद्वाती थी. और शाम को अखिल से मेरी जिंदगी बड़े आराम से चलने लगी थी पर उस रात के बारे में सोचते ही में काप उठती हु . मुकेश अचानक रात को 10 बजे मेरे घर आया मुझे लगा की अखिल आया होगा क्योकि अक्सर रात को अखिल ही आया करता था मैने जेसे ही दरवाजा खोला तो देखा की सामने मुकेश खड़ा हुआ है वो दारू के नसे में पूरी तरह से धुत था.

    मने उसे अंदर बुलाया पर थोडा डर भी लग रा था की कही अखिल ना आजाये उसने रूम में आते ही मुझे अपने बाहों में भर लिया मुझे दरवाजा बंद करने का भी मोका नहीं दिया वो पूरी तरह से चुदाई करने का मन बना के आया था उसने मुझे सोफे में लेटा दिया और मुझे चूमने चाटने लगा . मुझे कुछ भी बोलने का मोका नहीं दे रहा था . अचानक मुकेश खड़ा हो गया और कहा अपने कपडे उतारो . उस वक्त में मना भी नहीं कर सकती थी . मैने अपने कपडे उतार के नंगी हो गई मुकेश ने मुझे सोफे में बीठा कर मेरे दोनों पैर फेला दिया और मेरी चूत को चाटने लगा . अब में भी सब कुछ भूल के उसका साथ देने लगी . की अचानक मेरी नजर दरवाजे की तरफ पड़ी और उधर देखते ही मेरा जोश पूरी तरह से ठंडा हो गया दरवाजे के पास अखिल खड़ा हुआ था उसने मुझपे चिल्लाना सुरु किया मदेरचोद रंडी की ओलाद कितनो से चुदती हो तेरी माँ की चुद उसी वक्त मुकेश को गुस्सा आ गया और दोनों में झगडा होने लगा .

    उस वक्त मुझे समझ में नहीं आ रहा था की क्या करू मैने चिलाया चुप रहो मेरी मर्जी में जिस से भी चाहू चुदा सकती हु मेरा चुद मेरी मर्जी अगर तुम लोगो को ये सब अच्छा नहीं लगता तो तू शोक से जा सकते हो पर याद रखना आज के बाद तुम चुदाई को तरस जाओगे . मेरी बात काम करने लगी थी दोनों शांत हो चुके थे और में दोनों को खोना नहीं चाहती थी तभी मुकेश ने कहा पर तुम ही बताओ हम दोनों एक ही छूट को केसे चोद सकते है तब मैने उन दोनों से पूछा अच्छा ये बताओ में जो फेसला करुँगी वो तुम दोनों को मानना पड़ेगा दोनों ने कहा ठीक है तब मैने कहा की मुकेश तुम्हारा लंड लम्बा है जब तुम मेरी चूत में डालते हो तो मुझे बहुत अच्छा लगता है .

    और अखिल का लंड मोटा और टाइट है जो मेरी गांड मारने के लिए सही है आज से मेरी चूत सिर्फ मुकेश चोदेगा और मेरी गांड अखिल मरेगा बस और अब में कुछ भी नहीं सुनना चाहती उस वक्त में नंगी ही खड़ी थी मैने कहा तुम दोनों किसका इंतजार कर रे हो अब तो मेरा बटवारा भी हो चूका है शायद में ये बोल के गलती कर दी थी दोनों एक साथ मेरे एक एक बटले को दबाना लगे और किस करने लगे में पहली बार एक साथ दो लोगो से चुदाने जा रही थी उस वक्त थोडा डर भी लग रहा था | पर में मन ही मन खुश भी हो रही थी की चलो दोनों लडको को खोने से बच गई.

    में अपने घुटनों के बल बेठी और मुकेश का लम्बा लंड चूसने लगी और एक हाथ से अखिल का लंड हिलाने लगी थोड़ी देर बाद में मुकेश को सोफे में लेता दी और उसके लंड को अपने चूत में रख के घुसवाने लगी पीछे से अखिल मेरी गांड को चाटने लगा और अपनी ऊँगली को घुसाने लगा फिर अखिल भी अपना मोटा लंड मेरी गांड में घुसाने लगा निचे से मुकेश मेरी चूत चोद रा था और पीछे से अखिल मेरी गांड मार रहा था उस वक्त में जन्नत में पहुच गई थी और दोनों के लंड का मजा लेने लगी थोड़ी देर चोदने के बाद मुकेश का लंड झड गया पर अखिल नहीं रुका वो मेरी गांड को पूरी ताकत से चोद रहा था और मेरी चूची हो मसल रहा था थोड़ी देर गांड मारने के बाद अखिल का लंड भी जवाब दे गया पर उस रात हम तीनो को बहुत मजा आया हम तीनो को नया अनुभव मिला था और अब हम जब भी सेक्स करते है तीनो एक साथ करते है …
     

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