हॉंटेड - मुर्दे की वपसी - 75

Discussion in 'Hindi sex stories - हिंदी सेक्स कहानियां' started by RareDesi, May 16, 2016.

  1. RareDesi

    RareDesi Guest

    This story is part 76 of 75 in the series

    धीरे धीरी उसका मूह और बड्डा होते हुए खुल गया और धीरे धीरे कपिल का शरीर उसके मूह के अंदर घुसटा गया , घुसटा गया , ये पल देख कोई भी इंसान अपनी ज़िंदगी भूल जाए क्यूँ की जिसस तरीके से वो कपिल को अपने मूह के अंदर ले रही थी वो सच में कुदरात की शैठानी ताक़त का अनुभव करा रहा था..

    देखते ही देखते कपिल का पूरा शरीर उसके मूह के अंदर चला गया और उसने कपिल को पूरा निगल लिया " आइन , आइन आइन आइन आइन.... " वो अपनी उंगलीयुं हिलती हुई हँसने लगी...

    " अद्बू..एल.., अब्दुल भाई कहाँ है आप " कॉरिदूर से होती हुई श्वेता आगे तरफ रही थी , अब उससे वो दर्द भारी आवाज़ें सुनाई नही दे रही थी , लेकिन वो फिर भी धीरे धीरे सीडियान उतराती हुई नीचे पहुच गयी , उससे चेहरे पे बेशुमार डर था , दिल की ढकने तेज़ी से चल रही थी जिसकी वजह से उसकी साँसें ज़ोरों से चल रही थी , पर फिर भी वो धीरे धीरे आगे बाद रही थी लेकिन जब उससे लगा यहाँ कोई नही है तो वो एक जगह खड़ी हो गयी " अब्दुल भाई , आप यहाँ हूओ " वो खड़े खड़े आवाज़ लगा रही थी की तभी एक हाथ पीछे से उसके कंधे पे पड़ा , अचानक से किसी के हाथ को आभास करते ही श्वेता घबरा गयी और ज़ोरों से चिल्ला पड़ा , " आनानह " चिल्लती हुई वो थोड़ी आगे चली गयी और घूम गयी.

    " में हूँ श्वेता , अब्दुल और तुम तुम यहाँ क्या कर रही हो " अब्दुल ने अजीब सी निगाओं से श्वेता से पूछा , अब्दुल को देख श्वेता ने अपनी साँसों को काबू किया और फिर कहना शुरू किया , " वो , वो आपको चोट लगी थी और आप दर्द में थे तो आपको देखने आई थी " इसके आगे श्वेता कुछ कहती उससे पहले अब्दुल ने उससे रोक दिया..
    " क्या , मुझे चोट लगी , ये क्या कह रही हो तुम श्वेता मुझे तो कुछ नही हुआ , में तो बिल्कुल ठीक हूँ , में तो पानी लेने गया था " अब्दुल की बात सुन के श्वेता की आँखें खुली रही गयी वो अब्दुल को ऐसे घूर्ने लगी मानो उससे उसकी बात मज़ाक लग रही हो , " कपिल कहा है श्वेता , कहाँ है वो " अब्दुल ने श्वेता को हिलाते हुए पूछा , जिससे वो होश में आई , " वो ... वो.. उप्पर कमरे में " घबराते हुए श्वेता ने अब्दुल से कहा जिससे सुन अब्दुल के चेहरे का रंग उस गया.

    " नही.. यी नही हो सकता , श्वेता तुमने बहुत बड़ी ग़लती कर दी , कपिल को अकेले नही चोदना चाहिए था " अब्दुल की बातें सुन श्वेता की साँसें अटक गयी और वो डरी हुई आँखों से अब्दुल को घूर्ने लगी...

    श्वेता और अब्दुल तेज़ी से भागते हुए उप्पर रूम में पहुचे , श्वेता दरवाजा खोलते हुए चिल्लई " कपिल , कपिल " उसकी आवाज़ में घबराहट झलक रही थी , लेकिन जब उसने अपनी नज़रे पूरे कमरे में घुमाई तो वो खाली था. " ओह माइ गॉड , ओह माइ गॉड " श्वेता इतनी ज़ायदा घबराई हुई थी की उसकी आँखें नाम होने लगी..

    " में बाहर चेक कराता हूँ " कहते हुए अब्दुल कॉरिदूर में ढूँडने लगा..

    " कपिल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल " श्वेता कमरे में खड़ी ज़ोर से चिल्लई , तभी उसके कानो में आवाज़ पड़ा , उसने अपनी नज़रे आवाज़ की तरफ घुमाई तो देखा की बाथरूम का दरवाजा अपने आप खुल - बंद हो रहा था , ये देख श्वेता का गॅला सुख गया वो डर रही थी लेकिन उससे कपिल की भी चिंता थी इसलिए वो उसे तरफ भी देने लगी , " कपिल तुम हू " कहते हुए उसने दूर को हल्का सा धकेला...

    ठीक इसी पल..

    इस वक़्त वो उप्पर चाट सी चिपकी हुई थी , उसकी आँखों ने दरवाजा को खुलते देखा और उसी पल उसने अपना मूह खोल दिया " ओघह " फिरररर एक और कौफनाक पल को वक़्त ने क़ैद करना शुरू किया .




    ढेर सारा थूक उसके मूह से निकल के नीचे आने लगा उसके साथ कपिल का शरीर उसके मूह से निकालने लगा , जैसे जैसे कपिल का शरीर बाहर आ रहा था वैसे वैसे उसका मूह एक बार फिर खुलता चला गया...

    पहले कपिल का चेहरा बाहर आया और धीरे धीरे उसका धड़ बाहर आने लगा और देखते ही देखते उसका शरीर उसके मूह से निकल के बाहर आ गया और ढेर सार थूक के साथ वो ज़मीन पे आने लगा ..

    बॅस जैसे ही श्वेता दरवाजा खोल के एक कदम आगे बड़ी ठीक उसी पल उसके सामने कपिल का शरीर नीचे आ गिरा....

    जैसे ही श्वेता ने सामने का पल देखा , कुछ सेकेंड वो उससे देखती रही फिर उसके मूह से वो चीख निकली जिसमे किसी के खोने का दर्द था , किसी अपने के खोने का दर्द और वो दर्द भारी चीखें वक़्त ने बात्रॉनी शुरू कर दी..

    चिल्लाते हुए श्वेता पीछे हतने लगी जिससे उसका पर फिसल गया और वो नीचे गिर गयी लेकिन वो फिर भी पीछे खिसकती गयी जब तक पीछे दीवार नही आ गयी...

    " कापील्ल्ल्ल्ल्ल्ल.. " वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाते हुए रॉनी लगी , " अनंणंह कपिल " उसकी आँखों से आँसू बहने लगे , आवाज़ सुन के अब्दुल भागता हुआ कमरे में आया , पहले उसने श्वेता को देखा फिर सामने बाथरूम में पड़ा कपिल की लाश को देखा.

    सामने कपिल की लाश अजीब से प़ड़र्ट में लिपटी बिल्कुल कौफनाक सित्ति में पड़ी थी , उसका पूरा शरीर चिप छिपी चीज़ की अंदर धक्का हुआ था जिससे देखते ही अब्दुल की हालत भी ऐसी हो गयी मानो किसी ने उसकी रूह खिच ली हो , पर ये वक़्त अब यहाँ से निकालने का था और अब्दुल इस बात को अच्छी तरह से समझ चुका था..

    " श्वेता रूंण " अब्दुल ने श्वेता का हाथ पकड़ा और उससे उठा के उससे खिचते हुए ले जाने लगा.. " नूओ , अभी कॅंट लीव हिं लाएक तीस नूओ प्लीज़ कपिल.एल. " श्वेता रोते हुए चिल्ला रही थी , अब्दुल को रोक रही थी , उससे अपना हाथ चुदवाने की कोशिश कर रही थी , पर अब्दुल ने उसका हाथ नही चोदा और उससे ज़बरदस्ती अपने साथ ले गया.

    " अभी हॅव तो ऋण फास्ट श्वेता , अभी हॅव तो ऋण " अब्दुल श्वेता का हाथ पकड़ के उससे तेज़ी से भाग रहा था , श्वेता अभी भी रोए जा रही थी , वो अब्दुल के सहारे भाग रही थी नही तो उसके जिस्म में अपनी कोई जान नही बच्ची थी अभी भी उसके आँखों के सामने कपिल का वो ज़मीन पे पड़ा शरीर आ रहा था... आख़िर दोनो तेज़ी से भागते हुए उसी रूम के पास आ गये जहाँ से सब ने जाने का फ़ैसला किया था..रूम में पहुचते ही.

    " श्वेता रिलॅक्स , ये लो तुम पानी पियो " अब्दुल ने श्वेता को वहीं बिठा के उसके हाथ में पानी की बॉटल दे दी लेकिन श्वेता तो अपने में नही थी , वो तो बेसूध सी बॉटल को पकड़ के बैठ गयी , " में , में आ.द को कॉल कराता हूँ " कहते हुए अब्दुल की नज़र उसे बोर्ड पे गयी जो वो चोद के गया था , उससे देखते ही अब्दुल की आँखें बड़ी हो गयी वो धीरे धीरे उसे बोर्ड की तरफ गया और जब उसने गौर से उसे बोर्ड को देखा जिसपे अलग अलग जगह वो मूर्तियाँ पड़ा थी वो भी अजीब हालत में , उसकी आँखें इधर उधर हिलती सभी मुरटयून को देखने लगी , जैसे जैसे वो उन मूर्टियूं को देख के कुछ समझने की कोशिश कर रहा था वैसे वैसे उसके माथे पे शिकन गहराती जा रही थी और जब उससे सब समझ आया तब उसके पैरों ने जवाब दे दिया और वो लड़खड़ते हुए घुतनो के बाल बैठ गया..

    हॉंटेड - मुर्दे की वापसी - एक हॉरर स्टोरी


     

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